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Wednesday, October 19, 2011

"तेरी महक क्यूँ नहीं जाती"

"इन नशीली फिजाओं से, तेरी महक क्यूँ नहीं  जाती 
बरसों से ये  टिमटिमाती लौ,अब क्यूँ बुझ नहीं जाती "

ए सनम! 
"मुझे भी दे पता, तू उन बेदर्द  रातो का 
जहाँ पर तुझे रहकर ,मेरी याद नहीं आती "

"मेरी जिंदगी सुलगती है ,हर पल  तेरी  जुस्तजू की खातिर 
 मुझे  इक बार में ही जलाने क्यूँ नहीं आती  "

"तुने मुझको भुलाया है ,या भूली है खुद को भी 
शायद तुझे... मेरी या अब खुद की आवाज ही नहीं आती "

"क्यूँ अपलक निहारती हो मुझको , दरवाजे की दरारों से 
पल भर के लिए ही सही,  तू इन दरारों को भरने क्यूँ नहीं आती "

"मेरी जिंदगी फ़ना है ... ,फ़ना है मेरी मौत भी तुझ पर 
तू इक बार में ही मुझको हराने क्यूँ नहीं आती "

69 comments:

  1. सुंदर शब्दों में जज्बातों को आपने पिरोया है...खुद में ही लिप्त...प्यारी सी कविता है....बेहतरीन रचना

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  2. बेहतरीन ........बहुत खूब

    "क्यूँ अपलक निहारती हो मुझको , दरवाजे की दरारों से
    पल भर के लिए ही सही, तू इन दरारों को भरने क्यूँ नहीं आती "

    waha...

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  3. "मेरी जिंदगी सुलगती है ,हर पल तेरी जुस्तजू की खातिर
    मुझे इक बार में ही जलाने क्यूँ नहीं आती "
    हर लफ्ज़ में गहराई ... वाह !! क्या बात है ..

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  4. behad sanjeeda sawaal m agara har sawaal ka jawab to zindagi bhi nahi deti...

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  5. वाह वाह ………………बहुत ही सुन्दर गज़ल …………दिल की गहराइयो से निकले अशरार्।

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  6. बेहतरीन, ,बहुत खूब वाह वाह........

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  7. उम्दा लिखा है..बधाई.

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  8. sunder sheron se saji gajal
    badhai
    rachana

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  9. बेहतरीन रचना......बहुत ही बढि़या ।

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  10. "मेरी जिंदगी सुलगती है ,हर पल तेरी जुस्तजू की खातिर
    मुझे इक बार में ही जलाने क्यूँ नहीं आती "
    वाह वाह । बेहद खूबसूरत ।

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  11. ए सनम!
    "मुझे भी दे पता, तू उन बेदर्द रातो का
    जहाँ पर तुझे रहकर ,मेरी याद नहीं आती "
    बेहद खूबसूरत ।

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  12. Sanjay ji hausla afjai ke liye bahut bahut shukriya

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  13. anju(anu) choudhary di ji thanx a lot........

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  14. Monali ji shukriya , aise hi sneh banaye rahiyega

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  15. Amrita Tanmay ji yaha tak aane aur rachna ka maan rakhne ke liye bahut bahut shukriya

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  16. Suman ji bahut bahut shukriya aise hi apna pyar aur ashish banaye rakhiyega

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  17. Reena Maurya ji yaha tak aane ke liye ayr rachna ka maan rakhne ke liye shukriya

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  18. प्रिय अमरेन्द्र शुक्ल अमर जी बहुत शानदार और जानदार रचना ....प्रेम की विरह की व्यथा कथा ..आ जाओ प्रियतम प्यारे ...अब और ना जलाओ ये बेचारा दिल ही तो है ..दिवाली की हार्दिक शुभ कामनाएं
    भ्रमर ५

    "क्यूँ अपलक निहारती हो मुझको , दरवाजे की दरारों से
    पल भर के लिए ही सही, तू इन दरारों को भरने क्यूँ नहीं आती "

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  19. बेहतरीन रचना......बहुत ही बढि़या ।

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  20. Would love to always get updated great web blog ! .

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  21. judai ka athah dard aur prem peeda chhipi hai is abhivyakti me jo man ki zameen ko nam kar jati hai.

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  22. Waah.. bahut gahre bhav ukere hain aapne..
    Badhai..

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  23. "मेरी जिंदगी सुलगती है ,हर पल तेरी जुस्तजू की खातिर
    मुझे इक बार में ही जलाने क्यूँ नहीं आती "
    "तुने मुझको भुलाया है ,या भूली है खुद को भी
    शायद तुझे... मेरी या अब खुद की आवाज ही नहीं आती "
    बहुत सुन्दर पंक्तियाँ ! गहरे भाव और अभिव्यक्ति के साथ लाजवाब रचना लिखा है आपने !
    मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://seawave-babli.blogspot.com/
    http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

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  24. मेरी जिंदगी फ़ना है ... ,फ़ना है मेरी मौत भी तुझ पर
    तू इक बार में ही मुझको हराने क्यूँ नहीं आती "बहुत ही खुबसूरत....

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  25. Ana ji bahut bahut shukriya rachna ka maan rakhne ke liye

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  26. Ismat Jaidi Sahab aapka aana yaha bahut hi accha laga .aabhar

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  27. Dr. Monika Sharma ji aap aise hi apna sneh banaye rakhe ......aabhar

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  28. Adraniya Rajesh Kumari ji bahut bahut aabhar hamara maan rakhne ke liye

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  29. Surendra shukla" Bhramar"5 ji shukriya

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  30. Anamika ki Sadaye...........bahut bahut shukriya

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  31. मेरे पोस्ट में आने हौसला बढाने का सुक्रिया,धन्यबाद

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  32. This comment has been removed by a blog administrator.

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  33. बहुत सुंदर भावाभिव्यक्ति।

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  34. सुन्दर सृजन , प्रस्तुति के लिए बधाई स्वीकारें.

    समय- समय पर मिले आपके स्नेह, शुभकामनाओं तथा समर्थन का आभारी हूँ.

    प्रकाश पर्व( दीपावली ) की आप तथा आप के परिजनों को मंगल कामनाएं.

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  35. लाजवाब ... ग्रेट ... मज़ा आ गया ..

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  36. आपको एवं आपके परिवार के सभी सदस्य को दिवाली की हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनायें !
    मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://seawave-babli.blogspot.com/
    http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

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  37. लाज़वाब अभिव्यक्ति..दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं!

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  38. बेटी बचाओ - दीवाली मनाओ.
    दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें.

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  39. बहुत सुन्दर...दीपावली की ढेरों शुभकामनाएं.

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  40. dheerendra11 ji bahut bahut shukriya

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  41. Dewendra Pandey ji bahut bahut shukriya rachna ka maan rakhne ke liye

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  42. Manoj Kumar ji , S N Shukla Ji , Digamber Naswa ji , Babli ji aap sabhi ka bahut bahut shukriya

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  43. Babli ji, Kailash C Sharma ji, Sapna Nigam ji , Kunwar Kusumesh ji bahut bahut shukriya.........

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  44. bahaut hi khobsurat yaad , pyara sa ehsas , shabdo ka sunder prayog ............ dil se jode man ke tar , mahak se hai nata ...........ki shabd gum ho rahe bar -bar ............. sunder kavita ki sunder prastuti . badhai ho aapko

    sapne-shashi.blogspot.com

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  45. Shashi Purwar ji bahutbahut shukriya

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  46. मेरे मुख्य ब्लॉग काव्यांजली में नए पोस्ट पर स्वागत है ...

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  47. Dheerendra ji shukriya yaha tak aane ke liye .mai jarur aaunga ............wada raha

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  48. bahut jabardast lekhan hai aapka....jo padhe vo doob ke ubhar na paye...

    bahut dard samaite hai ye gazel.khuda aapko sukoon bakhshe.

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