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Wednesday, August 25, 2010


पलके बिछाये  , राह  निहारु
अंतरात्मा  से  तुझे  पुकारू
नयनों  में  बसी  तस्वीर  तेरी  
क्यू  न  आये  ओ  पिया  बैरी

Saturday, August 21, 2010

****सौगात****

"तू मेरी हर बात में है



मेरी सुबह में ,


मेरी शाम में है,


मेरी जीवन की नशीली रातो में ,


मेरे सूखे में और ,


मेरी बरसात में है "






"कोई मुझसे मिलना चाहे,


तो मिले तुझे,


मुझसे मिलने का मजा,


तेरे साथ में है"






"कोई मुझे ढूँढना चाहे ,


तो ढूंढे तुझे,


मेरे जीवन का पता तेरी


हर सांस में है "


तू मेरी हर बात में है