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Thursday, June 30, 2011

तुमसा बागबां



वो लबो पे मेरा नाम जो लाते   
तो हम दौड़े चले आते थे ,
आज हमने पुकारा  
तो वो कहते है 
तुम्हारे दामन में कई कांटे है 
मैंने  कहा
जिसे मिल जाये, तुमसा बागबां
उसके दामन में कांटे भी फूल बन जाते है 

ये नसीब मेरा है जो कांटे है मेरे दामन में 
फूल होते तो कब का टूट गए होते 

बड़ी शिद्दत से सींचा है 
इनको मैंने 
खुशियों कि चाह में 
ये बने है फूल 
आज तुम्हारी राह में

फूल तो बहुत तोड़े होंगे तुमने  
कभी कांटे भी तोड़ के देखो 
यूँ तो फूलो कि कोमलता से भी 
तुम सहम गयी होगी
आज काँटों की  नर्मी भी देखो 

झुक रही थी वादियाँ कल तक इशारो पे मेरे 
आज पलके भी झुकती नहीं    
कल तक साथ थे, मेरे साये की तरह 
आज परछाई भी बनते नहीं 

कल तक मेरे दामन में  उनके प्यार की बारिश थी 
आज तन्हाई के  बादल है जो बरसते नहीं..........

80 comments:

  1. khoobsurat kavita shukla ji...
    siddat agar SHIDDAT hota to aur achha hota!

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  2. ये नसीब मेरा है जो कांटे है मेरे दामन में
    फूल होते तो कब का टूट गए होते

    क्या कहूं इतनी खूबसूरत रचना पर,
    फूलों और बहारों पर शेर लिखते देखा था आज कांटो से भी रूबरू हो गए.....
    बहुत सुंदर और दिल को छूने वाली रचना!!

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  3. Surendra Ji bahut bahut shukriya jo aapne is or dhyan dilaya, kshama chahunga bhul ke liye......abhi sahi ker diya hai ......shukriya tahe dil se

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  4. किसी अज्ञात शायर का शेर याद आ गया......
    कांटा समझ के हमसे न दामन छुड़ाइए
    गुजरी हुई बहार की एक यादगार हूँ.

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  5. यूँ तो फूलो कि कोमलता से भी
    तुम सहम गयी होगी
    आज काँटों की नर्मी भी देखो

    बहुत खूब ..सुन्दर अभिव्यक्ति

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  6. गुलों से खार बेहतर हैं जो दामन थाम लेते हैं ...
    कविता को पढ़ते यही पंक्तियाँ याद आयी !

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  7. अरुण चन्द्र रॉय ji yaha aane aur rachna ka maan rakhne ke liye bahut bahut shukriya

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  8. नश्तरे एहसास ji shukriya is kalam band sipahi ki sairgah me aane ka

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  9. sushma 'आहुति' ji bahut bahut shukriya

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  10. अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) ji shukriya

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  11. डॉ॰ मोनिका शर्मा ji shukriya yaha tak aane ke liye

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  12. Suman ji shukriya hmare gher (blog)me apne kadam rakhne ke liye

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  13. bahut pyaree, khoobsurti se dard ko bya karti rachna !man ko chhugai !

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  14. आप एकदम दिल से लिखते हैं...बड़े अच्छे तरीके से बागबाँ तक अपनी बात पहुंचा दी...

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  15. संगीता स्वरुप ( गीत ji abhari hu aapka

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  16. वाणी गीत ji shukriya

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  17. सुन्दर भाव और अभिव्यक्ति के साथ ज़बरदस्त रचना! हर एक पंक्तियाँ लाजवाब लगा! बधाई!

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  18. मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://seawave-babli.blogspot.com/
    http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

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  19. बहुत खूब ... काँटों का साथ इतना बुरा भी नहीं ...

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  20. दिगम्बर नासवा ji bikul sahi kaha hai aapne....kaanto ka saath kabhi bhi bura nahi hota.wo to bus hume apne hone ke ahsaas dilate hai.......shukriya

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  21. 'ये नसीब मेरा है जो कांटे है मेरे दामन में
    फूल होते तो कब का टूट गए होते'

    बहुत सच कहा...ख़ूबसूरत रचना

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  22. "ये नसीब मेरा है जो कांटे है मेरे दामन में
    फूल होते तो कब का टूट गए होते !"

    सच है ...
    फूलों की ज़िंदगी कुछ दिन की
    और कांटे हैं जो सूख के भी
    अपनी जगह नहीं छोड़ते...!!

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  23. बहुत....ख़ूबसूरत रचना सोच रहा हूं ...किसकी तारीफ करूं सुंदर कविता की ...आपकी सोच की ...या लेखनी की जिनसे ये शब्‍द जन्‍म लेते हैं ...बेमिसाल प्रस्‍तुति ..।

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  24. करीब 15 दिनों से अस्वस्थता के कारण ब्लॉगजगत से दूर हूँ
    आप तक बहुत दिनों के बाद आ सका हूँ,

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  25. Punam ji shukriya itne sunder comments dene ke liye

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  26. Chandra Bhushan Mishra 'Ghafil'ji bahut bahut shukriya yaha tak aane aur apne sunder comments se hame bhavibhut kerne ke liye

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  27. संजय भास्कर ji aapka swathya accha ho gaya jaan ker accha laga.aapke sneh ke liye abhar****

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  28. झुक रही थी वादियाँ कल तक इशारो पे मेरे
    आज पलके भी झुकती नहीं
    Apki kavita seedhe dil ko chhoti hai Amrandra ji.Bahut behtareen.

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  29. सुबीर रावत ji shukriya itne sunder comments dene ke liye

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  30. bahut marmsparshi rachna hai.bahut pasand aai.Amar tum bahut achcha likhte ho.mere blog par aaye mujhe achcha laga.shukriya.aapka blog follow kar rahi hoon taki aapki nai rachnaon se avgat ho sakoon.

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  31. Rajesh Kumari ji aap yaha tak aayo hume accha laga, aur aapka comments to bahut hi accha laga....aapke is sunder comments ke liye mere pas sabd nahi hai badhai dene ke liye.............

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  32. ये नसीब मेरा है जो कांटे है मेरे दामन में
    फूल होते तो कब का टूट गए होते
    kanton se hee to fool mahafooz rahate hai. sundar rachana\

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  33. Rakibon se rafeek achchhe ,jo jalkar naam leten hain ,Gulon se khaar behtar hain ,jo daaman thaam leten hain .
    Sorry amrendra bhai Transliteration is non -opretive at this point of time .
    Good to read good stuff emotional loading with tones and overtones .

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  34. झुक रही थी वादियाँ कल तक इशारो पे मेरे
    आज पलके भी झुकती नहीं
    कल तक साथ थे, मेरे साये की तरह
    आज परछाई भी बनते नहीं



    बहुत ही सुन्दर और सारगर्भित पोस्ट....

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  35. निर्मला कपिला ji itne behter alfajo se aapne rachna ko nawaja .bahu bahut sghukriya.

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  36. veerubhai ji prem prem hi hota hai chahe wo kisi bhasa me bhi ho.............aapka comments bahut accha laga.....aise hi ab aana jana lagarahe to bahut hi accha lagega...Abhar.....

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  37. रफीकों से रकीब अच्छे जो जलके नाम लेतें हैं ,
    गुलों से खार बेहतर हैं जो दामन थाम लेतें हैं .
    अमरेन्द्र भाई मौसम बदलता रहता है .
    प्यार का रंग भी ,
    ज़िन्दगी का ढंग भी ,
    यही प्रगतिवाद है ,तरक्की है .
    वो लड़की जो कल मिली थी ,
    अपनी बात की पक्की है

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  38. bahut hi acchi rachna shukla ji

    thanks for comments on my blog shukla ji
    "samrat bundelkhand"

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  39. Upendra Shukla ji rachna ka maan badhane ke liye bahut bahut shukriya

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  40. Kanta samaz ke muzse na daman bachaeeye
    Gujare hue bahar kee ek yadgar hoon.

    sunder prastuti.

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  41. Mrs. Asha Joglekar ji yaha tak aane aur rachna ke maan ko banaye rakhne ke liye bahut bahut shukriya......................

    ReplyDelete
  42. Kya bhav hai , kya shama bandha hai , achchha likha hai , shubhkamna.........

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  43. Kya bhav hai , kya shama bandha hai , shubhkamna.....

    ReplyDelete
  44. मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://seawave-babli.blogspot.com/
    http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

    ReplyDelete
  45. Amrita ji shukriya itne sunder comments dene ke liye

    ReplyDelete
  46. यूँ तो फूलो कि कोमलता से भी
    तुम सहम गयी होगी
    आज काँटों की नर्मी भी देखो

    बहुत खूब ... बहुत ख़ूबसूरत रचना.....

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  47. Snadhya Sharma ji Bahut Bahut Shukriya

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  48. यूँ तो फूलो कि कोमलता से भी
    तुम सहम गयी होगी
    आज काँटों की नर्मी भी देखो

    बहुत ही सही कहा आपने

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  49. फूल और कांटे पर बहुत सुन्दर नजरिया प्रस्तुत किया है आपने.
    सुन्दर भावाभिव्यक्ति के लिए आभार.

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  50. क्या बात है,
    बहुत सुंदर रचना.

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  51. बहुत सुंदर ...कांटे कभी मुरझाते नही हैं ..हमेशा ताजा बने रहते हैं..

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  52. Rakesh Kumar Ji bahut bahut Shukriya hausla afjai ke liye

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  53. Kunwar kusumesh ji aapko tahe dil se hardik aabhar........

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  54. Dershan kaur ji hausla afjai ke liye shukriya

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  55. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति..आज पहली बार यहाँ आई हूँ बार-बार आना चाहुँगी । बहुत अच्छा लगा ..शुभकामनाएँ

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  56. Kaneri ji aapne yaha aaker rachna ka maan rakha bahut accha laga........shukriya

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  57. bahut sunder rachna, achha laga padhna.

    shubhkamnayen

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  58. जीने का ये भी अंदाज़ है.....
    बहुत प्यारी कविता...

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  59. VEENA JI SHUKRIYA YAHA TAK AANE AUR RACHNA KA MAAN BADHANE KE LIYE AABHAR

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  60. बहुत सुन्दर सारगर्भित रचना , सुन्दर भावाभिव्यक्ति , आभार
    रक्षाबंधन एवं स्वाधीनता दिवस के पावन पर्वों की हार्दिक मंगल कामनाएं.

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  61. amarji,
    namaskar

    aapke blog ki har rachna anoothi hai,

    kahee virah, kahee milan .kahee barish, kahee

    kante,jitani tareef karun kam hai.padhkar bar2

    aapki pratibha ko naman karne ko man karta hai,

    thanks.

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  62. S N shukla ji rachna ka maan badhane ke liye bahut bahut shukriya.........

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  63. Dr sushila gupta ji bahut bahut shukriya , aapke sunder comments ne rachna ki sarthakta siddh ker di

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  64. सुंदर काव्याभिाव्यक्ति।

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  65. Adarniya Mahendra Verma ji bahut bahut shukriya............aise hi apna sneh hum per banaye rakhe ............sadar

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