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Thursday, June 23, 2011

पिये जा, जिये जा



पिये  जा, जिये  जा ,
उसके अश्को को ही सही   
पर तू पिये जा जिये जा 
कल तक कमी थी 
आज पूरी हो जाएगी 
तेरे साथ न सही 
संग यादो में दौड़ी चली आएगी 

यहाँ मय भी है 
मीना भी है 
यादों में उसकी 
जीना भी है 

उतार इक घूंट, 
उसकी यादों का
तू हलक के नीचे  
यहाँ नशेमन भी है
और नशा -ए-यार भी 

रख सामने साकी, 
तू देख तो जरा 
नशा किस्मे है 
यहाँ तेरा हमदर्द (मय)  भी हैं
और तेरा यार भी 

पैमाने टूटते है 
तो टूट जाने  दो
आज हौसला रखो अपने हौसले का  
देख वफ़ा  किस्मे है 
आज वो भी है 
और उनकी यादे भी 

58 comments:

  1. पैमाने टूटते है
    तो टूट जाने दो
    आज हौसला रखो अपने हौसले का
    देख वफ़ा किस्मे है
    आज वो भी है
    और उनकी यादे भी

    -क्या बात है ...बहुत खूब!

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  2. माने टूटते है
    तो टूट जाने दो
    आज हौसला रखो अपने हौसले का
    देख वफ़ा किस्मे है
    आज वो भी है
    और उनकी यादे भी ... khooburat kavita

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  3. अमरेन्द्र जी



    संभल कर … :)




    शुभकामनाएं

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  4. रख सामने साकी

    तू देख तो

    नशा किसमे है '

    ...........................मस्त भाव की मस्त मस्त रचना

    ReplyDelete
  5. बहुत सुन्दर लिखा है। बे-मिशाल....

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  6. पैमाने टूटते है
    तो टूट जाने दो
    आज हौसला रखो अपने हौसले का
    देख वफ़ा किस्मे है
    आज वो भी है
    और उनकी यादे भी

    आप अपना असर छोड़ने में कामयाब हैं!
    बहुत ही उम्दा प्रस्तुती

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  7. आज वो भी है
    और उनकी यादें भी....

    अच्छा है !!

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  8. उम्दा प्रस्तुति।

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  9. यहाँ मय भी है
    मीना भी है
    यादों में उसकी
    जीना भी है

    तू पी, और जी....

    पसंद आई कविता, आभार.

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  10. "रख सामने साकी,
    तू देख तो जरा
    नशा किस्मे है
    यहाँ तेरा हमदर्द (मय)भी हैं
    और तेरा यार भी"

    nashaa hi nashaa har su hai....

    ***punam***
    "tumhare liye"

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  11. यहाँ मय भी है
    मीना भी है
    यादों में उसकी
    जीना भी है ....
    wah ! sunder ! ati sunder.....

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  12. गो हाथ की जुम्बिश नहीं...आँखों में तो दम है...
    रहने दो अभी सागर-ओ-मीना मेरे आगे...बेहतरीन...

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  13. बहुत सुन्दर लिखा है।
    http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/06/blog-post_23.html

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  14. उतार इक घूंट,
    उसकी यादों का
    तू हलक के नीचे ..

    Lovely.

    Bahut badhiya rachna Shukla Saab.. bahut badhiya.
    Likhe jaao.. padhaaye jaao.. :)

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  15. Shukriya Sameer ji ..aapke aane se rachna safal ho gayi

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  16. अरुण चन्द्र रॉय ji hausla afjai ke liye bahut bahut shukriya

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  17. Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ji swagat hai aapka
    sadar

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  18. सुरेन्द्र सिंह " झंझट " shukriya bus aap aise hi aate rahiyega...........

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  19. Amrita Tanmay ji mere gher me (blog)aane ke liye shukriya

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  20. daanish ji shukriya yaha tak aane aur rachna ka maan rakhne ke liye

    ReplyDelete
  21. मनोज कुमार ji shukriya

    ReplyDelete
  22. अभिषेक मिश्र ji hausla fajai ke liye bahut bahut shukriya

    ReplyDelete
  23. लगता है कि हैंग ओवर होगा.

    ReplyDelete
  24. shayed aap sahi keh rahe hai,
    shukriya Rahul Singh ji

    ReplyDelete
  25. पैमाने टूटते है
    तो टूट जाने दो
    आज हौसला रखो अपने हौसले का
    देख वफ़ा किस्मे है
    आज वो भी है
    और उनकी यादे भी

    वाह ...बहुत खूब कहा है ।

    ReplyDelete
  26. क्या बात है ...बहुत खूब

    ReplyDelete
  27. पी.एस .भाकुनी ji bahut bahut shukriya

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  28. DR. ANWER JAMAL ji yaha tak aane ke liye bahut bahut aabhar

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  29. sushma 'आहुति' ji thanx a lot for coming my blog

    ReplyDelete
  30. •๋:A∂itya™© ji bahut bahut shukriya

    ReplyDelete
  31. Kunwar Kusumesh ji hausla afjai ke liye bahut bahut shukriya

    ReplyDelete
  32. पैमाने टूटते है
    तो टूट जाने दो
    आज हौसला रखो अपने हौसले का
    देख वफ़ा किस्मे है
    आज वो भी है
    और उनकी यादे भी

    बहुत बढ़िया...

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  33. जीवन्त विचारों की बहुत सुन्दर एवं मर्मस्पर्शी रचना !
    हार्दिक शुभकामनायें !

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  34. पैमाने टूटते है
    तो टूट जाने दो
    आज हौसला रखो अपने हौसले का
    देख वफ़ा किस्मे है
    आज वो भी है
    और उनकी यादे भी

    कायल हैं आपकी शानदार प्रस्तुति के.
    'वो' और 'उनकी यादों' की अच्छी प्रतिस्पर्धा करादी है आपने.
    मेरे ब्लॉग पर आपका हार्दिक स्वागत है.

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  35. वीना ji shukriya rachna ka maan rakhne ke liye

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  36. Dr (Miss) Sharad Singh ji itne pyare comments ke liye bahut bahut shukriya

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  37. बहुत सुंदर.. वाह

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  38. bahut hi khoobsurat likha hai aapne.. very nice..
    मेरी नयी पोस्ट पर आपका स्वागत है : Blind Devotion - सम्पूर्ण प्रेम...(Complete Love)

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  39. उतार इक घूंट,
    उसकी यादों का
    तू हलक के नीचे
    यहाँ नशेमन भी है
    और नशा -ए-यार भी
    waah... amazing

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  40. Dr. Mishra Sahab Aapni najre is or bhi inayat krne keliye shukriya

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  41. आज हौसला रखो अपने हौसले का
    देख वफ़ा किस्मे है
    आज वो भी है
    और उनकी यादे भी

    ..... शानदार प्रस्तुति

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