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Thursday, March 24, 2011

अंतिम क्षण


  
चारो तरफ फैली है यादें तेरी
फिर भी यादें कम है 
दर्द पहले से ज्यादा हुआ है, 
फिर भी दर्द कम है .....

सपने है आँखों में जागे जागे 
और आज आँखों में नींद कम ,है 
यूँ  तो जी रहे है हम जिंदगी से ज्यादा 
फिर भी लगता है ये जिंदगी कम है..... 


यु तो देखे है हमने, जीवन के 
सब रंग,
फिर भी ये तेरे रंग से रंगी कम है ......
मै अब  कही  भूल  न  जाऊ ,
तुम्हे, भूल जाने के बाद,
अब इक यही गम है 

आ जाओ मेरी रूह-ए- तमन्ना 
कि तुमसे मिलें जमाना बीत गया, 
यादें है तेरी, मेरी साँसों में बसी,
पर लगता है शायद अब मेरी साँसे कम है 
आ जाओ मेरी रूह-ए- तमन्ना !!!!  ...........


94 comments:

  1. सुन्दर रचना .......

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  2. रचना पड़ने के बाद मेरा ध्यान शीर्षक पर गया ...इसका क्या मतलब?

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  3. आपको ऐसा क्‍यों लगता है कि सांसें कम हैं.

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  4. very beautiful...
    yaadon ko itna sundar saza nahi paaya kabhi...

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  5. Manjula ji shukriya ,
    "aur rahi baat shirshak ki to ye rachna us vyakti ki hai jo apne antim palon me bhi apne pyar ki hi talash kerta hai aur uski yaadon me khoya hai"

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  6. Unki yadon ki jaroorat har samay hoti hai ... antim samay bhi ...

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  7. खूबसूरती से बयाँ किये हैं यह अंतिम पल भी ...

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  8. खूबसुरत प्रस्तुति...

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  9. प्यार और चाहत अंतिम साँस तक ....अच्छी प्रस्तुति

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  10. प्रेम का प्रवाह अंतिम साँस तक..... रचना में अंतिम पंक्ति तक....

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  11. बढ़िया अभिव्यक्ति.
    सलाम.

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  12. Rahul Singh Ji Virah agni me Virah sahne wale vyakti ko her wakt uski saanse kam si lagti hai so*********
    yaha tak aane aur rachna ka margdershan karne ke liye shukriya ******

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  13. संगीता स्वरुप ( गीत )ji yaha tak aane aur kavita ka maan rakhne ke liye shukriya

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  14. ग़ज़ब की कविता ... कोई बार सोचता हूँ इतना अच्छा कैसे लिखा जाता है

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  15. काफी सुन्दर शब्दों का प्रयोग किया है आपने अपनी कविताओ में सुन्दर अति सुन्दर
    बहुत दिनों बाद आपके ब्लॉग पार आना हुआ

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  16. आ जाओ मेरी रूह-ए- तमन्ना
    कि तुमसे मिलें जमाना बीत गया,
    यादें है तेरी, मेरी साँसों में बसी,
    पर लगता है शायद अब मेरी साँसे कम है ..

    सुन्दर कविता के साथ ही आपका सुन्दर मन ..दिल लुभा गया ..

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  17. wah kya kahna!so imotionaly. thanks

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  18. Beautiful creation !
    thanks.

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  19. खूबसुरत प्रस्तुति|धन्यवाद|

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  20. यूँ तो जी रहे है हम जिंदगी से ज्यादा
    फिर भी लगता है ये जिंदगी कम है.....
    bahut khoob

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  21. खूबसुरत प्रस्तुति......

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  22. Pooja JI aapka yaha aana hamare gher me jaise roshni ker gaya.shukriya

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  23. Naswa ji hausla afjai ke liye abhari hu aapka ........

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  24. Rajiv ji rachna ka maan rakhne ke liye bahut bahut shukriya

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  25. Sangeeta Swarup ji Bahut Bahut Shukriya.aise hi aap apna ashirwad banaye rakhein.......

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  26. Sushil B. Ji aap yaha tak aaye man ko santusti mili..........

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  27. Surendra Singh ji aise hi aap sadaiv saath banaye rahiyega..........aapka snehi amrendra 'amar'

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  28. Dr. Monika Sharma ji aapne bikul sahi nabj pakdi hai Rachna ki .shukriya maan rakhne ke liye *****

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  29. विनोद जेठुडी - दगडिया उत्तराखन्डी abahari hu aapka

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  30. Vishal Ji rachna ko sarahne ke liye shukriya

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  31. Sanjai Bhaisahab aap to char chand laga dete hai yaha aaker.hume hamesha aapka intejaar rehta hai ............

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  32. Indranil Bhattacharjee ........."सैल ji shukriya

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  33. दर्शन कौर धनोए ji rachna ko gehrai ko samajhne aur itne subder comments dene ke liye mai aapka tahe dil se shukriya ada kerta hun

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  34. Zeal ji aap ke comments ka besbari se intejar rehta hai .......jaise gopi ko kanaha ka waise hi hume aapke comments ka .shukriya

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  35. Patali-The-Village ji utsaah verdhan ke liye shukriya

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  36. शुभकामनायें अमरेन्द्र !

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  37. खट्टी - मिट्ठी अहसासों से सजी खुबसूरत रचना |

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  38. आ जाओ मेरी रूह-ए- तमन्ना
    कि तुमसे मिलें जमाना बीत गया,
    यादें है तेरी, मेरी साँसों में बसी,
    पर लगता है शायद अब मेरी साँसे कम है
    .
    बहुत ही सुंदर रचना ..

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  39. यु तो देखे है हमने, जीवन के
    सब रंग,
    फिर भी ये तेरे रंग से रंगी कम है ......
    मै अब कही भूल न जाऊ ,
    तुम्हे, भूल जाने के बाद,
    अब इक यही गम है
    bahut badhiya .komal bhavo se bhari .

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  40. Dilbag Virk ji shukriya utsaah verdhan kerne ke liye , umeed hai milna julna laga rahega.....

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  41. Kajal Kumar ji gher padharne (blog)ke liye shukriya

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  42. Sunil Kumar ji rachna ka maaan rakhne ke liye bahut bahut shukriya

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  43. सतीश सक्सेना ji shukriya

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  44. चारो तरफ फैली है यादें तेरी
    फिर भी यादें कम है
    दर्द पहले से ज्यादा हुआ है,
    फिर भी दर्द कम है .....

    बहुत कोमल अहसास...बहुत सुन्दर भावपूर्ण रचना..

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  45. सपने है आँखों में जागे जागे
    और आज आँखों में नींद कम ,है
    यूँ तो जी रहे है हम जिंदगी से ज्यादा
    फिर भी लगता है ये जिंदगी कम है....

    बहुत बढ़िया पोस्ट!

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  46. Minakshi Pant ji hausla afjai ke liye bahut bahut shukriya

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  47. एस.एम.मासूम ji yaha tak aane ke liye mai aapka tahe dil se shukriya ada kerta hun......

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  48. ज्योति सिंह ji shukriya

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  49. Kailash C Sharma JI BAHUT BAHUT SHUKRIYA

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  50. Sawai SIingh Rajpurohi ji rachna ko sarahne ke liye bahut bahut shukriya...........

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  51. आ जाओ मेरी रूह-ए- तमन्ना
    कि तुमसे मिलें जमाना बीत गया,
    यादें है तेरी, मेरी साँसों में बसी,
    पर लगता है शायद अब मेरी साँसे कम है ...

    बहुत खूब....प्यार और चाहत अंतिम साँस तक .... इनके लिए तो कई जन्म भी कम हैं...अच्छी प्रस्तुति

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  52. amrendra ji
    waqai chahat ki koi umr nahi hoti .jivan ke antim sans tak aankhen bas unhi ki rah takti rahti hain jinse ham behad be intha prem karte hain .
    aapki prastuti bahut hi shalinta ke saathman ke jajbaato ko ujagar karti hai.
    ati sundar
    badhai
    poonam

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  53. काहे भैया, जी जलाने के वास्ते बुलाया था यहाँ हमें? इतना खूबसूरत लिख पाते तो हम भी जरूर धड़ल्ले से लोगों को निमंत्रित करते:))

    बहुत प्यारे जज़्बात जाहिर किये हैं, अमरेन्द्र जी। पढ़वाने के लिये शुक्रिया।

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  54. मेरी लड़ाई Corruption के खिलाफ है आपके साथ के बिना अधूरी है आप सभी मेरे ब्लॉग को follow करके और follow कराके मेरी मिम्मत बढ़ाये, और मेरा साथ दे ..

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  55. संध्या शर्मा ji shukriya

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  56. JHAROKHA (Poonam) ji itne acche comments ke liye bahut bahut shukriya shukriya

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  57. संजय @ मो सम कौन ji tahe dil se shukriya

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  58. सारा सच ji hum aapke saath hai

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  59. सपने है आँखों में जागे जागे
    और आज आँखों में नींद कम ,है
    यूँ तो जी रहे है हम जिंदगी से ज्यादा
    फिर भी लगता है ये जिंदगी कम है.....

    रचना में भावाभिव्यक्ति बहुत अच्छी है.. ...बधाई.

    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है!

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  60. नवसंवत्सर की हार्दिक शुभकामनाएँ| धन्यवाद|

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  61. Dr (Miss) Sharad Singh ji shukriya

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  62. नव-संवत्सर और विश्व-कप दोनो की हार्दिक बधाई .

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  63. अच्छी पोस्ट और आपको बधाई

    Vivek Jain vivj2000.blogspot.com

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  64. क्रिकेट विश्वकप विजय पर हार्दिक बधाई ....एवं नव वर्ष (नव संवत्सर ) की हार्दिक शुभकामनायें स्वीकारें

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  65. मनोभावों को खूबसूरती से पिरोया है। बधाई।

    नव-संवत्सर और विश्व-कप विजय ...दोनो की हार्दिक शुभकामनायें .

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  66. Dr Varsha Singh ji shukriya aur aapko bhi bahut bahut badhai

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  67. nice कृपया comments देकर और follow करके सभी का होसला बदाए..

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  68. Vivek Jain ji hausla afjai ke liye bahut bahut shukriya

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  69. सुरेन्द्र सिंह " झंझट " ji aapko bhi bahut bahut badhai....yaha tak aane ke liye aapka bahut bahut shukriya

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  70. सुन्दर रचना ..बधाई।

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  71. bahut hi sunder rachna hai. achha laga aapko padhkar.

    shubhkamnayen

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  72. आ जाओ मेरी रूह-ए- तमन्ना
    कि तुमसे मिलें जमाना बीत गया,
    यादें है तेरी, मेरी साँसों में बसी,
    पर लगता है शायद अब मेरी साँसे कम है .
    बहुत खूब.... .अच्छी प्रस्तुति

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  73. prritiy---------sneh ji shukriya aapka yaha aana hume bhi bahut acha laga

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  74. रजनी मल्होत्रा ji shukriya .der se hi sahi aap aaye to ........hum to kabse aapka intejar ker rahe the ................

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  75. तुम्हें भूल न जाऊँ भूल जाने के बाद------ वाह अन्दाज़ अच्छा है याद करने का , अच्छी भावमय रचना\ बधाई।

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  76. प्रेम की सहस्त्र धाराएं ह्रदय से निकलकर शब्दों में आ बहीं.

    ..बहुत सुंदर...अच्छा लगा आपको पढ़ना..

    आभार..
    आपको बधाई....

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  77. गीता पंडित ji blog tak aane aur rachna ka maan rakhne ke liye bahut bahut shukriya

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  78. jab ruh me base ho tum mere to rahgujar kaise ho sakte ho ,me kabhi aapni ankh band karti hi nahi to bhala tum aankh se meri kaise ojhal ho sakte ho.....nice ....amar...

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  79. सपने है आँखों में जागे जागे
    और आज आँखों में नींद कम ,है
    यूँ तो जी रहे है हम जिंदगी से ज्यादा
    फिर भी लगता है ये जिंदगी कम है.....

    nice..

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  80. Richa ji shukriya ........umeed hai aise hi ab milna julna laga rahega..........:)

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  81. Pawan Gujar ji bahut bahut shukriya itne sunder comments dene ke liye .mai aapka hardik aabhari hun.ummed kerta hu aap aise hi apna sneh banaye rakhenge......

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