Followers

There was an error in this gadget

Labels

Saturday, December 26, 2009

एक छोटा सा खुबसूरत पुष्प


एक प्यारा सा पुष्प
पता नहीं  उसे उसका महत्व 
किसी के भी हाथो में जाने को है बेताब 
कोई तोड़े कोई मरोड़े ....
कोई मंदिर में या मस्जिद में चढ़ा दे  
बस उसे उसकी मंजिल तक पंहुचा दे 
वो तो बस मिट जाना चाहता है 
अपने अस्तित्व को अस्तित्व से मिलाना चाहता है
आज है उसे इस बात की खुशी
वो किसी के काम तो आएगा ......

एक छोटा सा खुबसूरत पुष्प 

No comments:

Post a Comment